
लखनऊ 29 जनवरी । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शिक्षकों के हित में बड़ा फैसला लिया गया। अब शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सभी लाभांवित होंगे। इस योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई है। इससे 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभांवित होंगे, जिस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना जैसे आयुष्मान भारत से आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2024 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह योजना पूरी तरह कैशलेस होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया।
बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसले
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शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी
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भवनों के नक्शा पास करने की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा
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विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी
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बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क व नक्षत्रशाला की स्थापना होगी
आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बहराइच जिले के राजस्व ग्राम परतापुर सहित अन्य क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा। गौरतलब है कि नदी पार करने के दौरान हुई दुर्घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया गया और मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुनर्वास की योजना तैयार की गई। इस योजना के तहत 136 परिवारों को भूमि का पट्टा, आवासीय पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर दिए जाएंगे। साथ ही, परिवारों को आवश्यकता के अनुसार खेती के लिए भी भूमि का पट्टा प्रदान किया जाएगा।














