
बरेली 26 जनवरी । बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में UGC Regulations 2026 और प्रयागराज माघ मेले में हुई हालिया घटनाओं को मुख्य कारण बताया है। अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “पद और प्रतिष्ठा से ऊपर स्वधर्म और स्वाभिमान है”। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय व्यक्तिगत लाभ-हानि के आधार पर नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जवाबदेही और अंतरात्मा की आवाज के चलते लिया गया है। उन्होंने अपने इस्तीफे का मुख्य कारण माघ मेले में हुए ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के अपमान और UGC Regulations 2026 को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज माघ मेले में संतों का अपमान और ब्राह्मणों का उत्पीड़न हुआ, जिससे मानवता शर्मसार हुई। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि “ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बटुक शिष्यों की चोटी पकड़कर प्रशासन द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई”। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन अब ब्राह्मणों के खिलाफ उत्पीड़न की मूक सहमति दे रहा है।
प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा है। कानपुर नगर के निवासी अग्निहोत्री पहले उन्नाव, बलरामपुर, लखनऊ सहित कई जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक हलकों में अपने स्पष्ट विचारों व सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने UGC Regulations 2026 को “काला कानून” बताते हुए कहा कि ये नियम कॉलेजों के शैक्षणिक वातावरण को दूषित करेंगे और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने 13 जनवरी को प्रकाशित इस विनियम पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इससे ब्राह्मण समुदाय के लोगों पर अत्याचार हो सकते हैं। उनका कहना है कि ये प्रावधान भेदभावपूर्ण हैं और सामाजिक अशांति व आंतरिक असंतोष को जन्म दे सकते हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि आज ब्राह्मण जनप्रतिनिधि “किसी कॉरपोरेट कंपनी के कर्मचारी बनकर रह गए हैं”। उन्होंने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया और बताया कि उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई की है और अमेरिका में भी काम किया है।

















