
हाथरस 23 जनवरी । आचार्य 108 श्री नमोस्तु सागर जी महाराज द्वारा नयागंज स्थित नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मूलनायक प्रतिमा के अभिषेक व शांतिधारा करायी और स्थानक में भक्ताम्बर स्त्रोत्र का पाठ कराया था। सभी ने 48 भक्ताम्बर श्लोको पर दीपक जलाये थे। प्रवचन के दौरान आचार्य 108 श्री नमोस्तु सागर जी महाराज ने कहा चिंता चिता के समान हैं। चिंता व चिता दोनो अलग अलग है। हम देखते है कि आज व्यक्ति चिंता मे डूबा हुआ है। दो प्रकार के व्यक्ति होते है एक चिंतन करता है दूसरा चिंता करता है। दोनों मे काफी अंतर है। आप कितना भी भक्ताम्बर स्त्रोत्र का पाठ कर लें, कितनी भी आराधना और यात्रा कर लें और भगवान आदिनाथ को निहार लें, जब तक चिंता में डूबे रहोगे कल्याण होने वाला नही हैं। आचार्य 108 श्री नमोस्तु सागर जी महाराज डिब्बा गली स्थित श्वेतांबर जैन स्थानक में प्रवचन कर रहे थे इससे पूर्व उन्होंने धर्म पर आधारित प्रश्नोत्तर किये थे जिन लोगों के उत्तर सही थे उन्हें आचार्य श्री ने अपने गुरूवर आचार्य 108 श्री पुण्य सागर जी महाराज का छबि चित्र प्रतीक चिन्ह के रूप में देकर सम्मानित किया था। आपने कहा हम मंदिर जाते है तो संसार चिंता मे डूबे होते है इसीलिये हमे तीनो लोकों के नाथ दिखायी नही देते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि जब आप मंदिर जाते है तब चप्पल मंदिर के बाहर क्यों उतारते है, जिस तरह चप्पल मंदिर के बाहर उतारते है उसी तरह जो चिंतायें है वह भी मंदिर के बाहर छोडकर जाना चाहिये। एक चप्पल पैर मे होती है तो दूसरी चिंता की चप्पल सर मे होती है। यही कारण है कि हम मंदिर में कितना भी पूजा पाठ कर ले, लेकिन हमारा ध्यान चिंताओं मे रहता है। इस मौके पर प्रमुख रूप से अध्यक्ष उमाशंकर जैन, राकेश जैन, विजय जैन लोहिया अनिल जैन गुड्डू अमित जैन, संजीव जैन भूरा, विवेक जैन, विजय कुमार जैन, पंकज जैन ट्रंक आशीष जैन मोनू, कपिल जैन चूर्ण सुधीर जैन, संदीप जैन ज्वेलर्स, गगन जैन,कमलेश जैन लाल वाले, रतन जैन, राहुल जैन बैटरी विजय जैन वाले, श्वेतांक जैन, मनोज जैन लोहिया, मयंक जैन लोहिया, सुरेश चंद जैन लोहिया, राज कुमार जैन लोहिया, अरुण जैन लोहिया मनु जैन लोहिया, अतुल जैन एडवोकेट, अनिल जैन, जिनेंद्र जैन सिम्पल, धीरज जैन रिंकू, पंकज जैन मोबाइल, संजय जैन, नितिन जैन राजेश जैन, राजा जैन, अभिषेक जैन, सौरभ जैन रानू, राम वार्ष्णेय बंटू जैन आदि शामिल थे।















