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लखनऊ 20 जनवरी । उत्तर प्रदेश को निवेश के मामले में एक और बड़ी सफलता मिली है। विश्व आर्थिक मंच के दावोस सम्मेलन में यूपी सरकार और एएम ग्रीन ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इसके तहत प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक गीगावॉट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो वैश्विक एआई वर्कलोड्स को सेवाएं प्रदान करेगा। यह समझौता उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख डेटा सेंटर और एआई हब बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। एएम ग्रीन ग्रुप द्वारा स्थापित यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। परियोजना की पहली क्षमता की शुरुआत 2028 तक होने की संभावना है, जबकि 2030 तक पूरे एक गीगावॉट क्षमता के साथ इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना में लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश प्रस्तावित है, जो भारत में अब तक के सबसे बड़े डेटा सेंटर निवेशों में से एक माना जा रहा है। इस मेगा डेटा सेंटर में लगभग 5 लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स लगाए जाएंगे, जो एचपीसी और एआई आधारित सेवाओं को गति देंगे।

प्रदेश सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी, मजबूत औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतरीन कनेक्टिविटी और निवेशक अनुकूल माहौल के चलते एएम ग्रीन ग्रुप ने यूपी को इस परियोजना के लिए चुना है। यह सुविधा 24×7 कार्बन-फ्री ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगी, जिसमें पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने की संभावना है और हजारों उच्च-कौशल रोजगार सृजित होंगे। एएम ग्रीन ग्रुप के चेयरमैन अनिल चालमलासेट्टी ने कहा कि एआई भविष्य की आधारशिला है और यह निवेश एक सतत, कार्बन-न्यूट्रल डिजिटल इकोनॉमी की दिशा में बड़ा कदम है।

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