
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने अपने भावनात्मक संबोधन में कहा कि आज का दिन केवल नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा का पहला पड़ाव है। विश्वविद्यालय आपका परिवार है और हम हर कदम पर मार्गदर्शक बनकर खड़े रहेंगे। यदि आंखों में सपने हैं तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने विद्यार्थियों से बाज के गुणों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऊंची उड़ान भरनी है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब उनकी दृष्टि सदैव अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहेगी। स्वागत भाषण में डायरेक्टर एडमिशन प्रो. सौरभ कुमार ने विश्वविद्यालय की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि यहां उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. महेश कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. उदय शंकर, डा. राजेश उपाध्याय आदि थे। संचालन डा. दीपिका बांदिल ने किया।