साहित्य
1 min read
822

टेडीबियर डे पर विष्णु सक्सेना की एक खास रचना-

February 10, 2018
0

हम अंधेरे नहीं उजाले हैं, आपके साथ रहने वाले हैं प्यार से बांह में भरो, हम भी टेडीबीयर से भोले भाले हैं ज़िंदगी ग़म से जोड़ मत देना, बुलबुला हूँ मैं फोड़ मत देना, टेडीबीयर तो इक खिलौना है- दिल समझ कर के तोड़ मत देना। रचनाकार- कवि विष्णु सक्सेना 

Continue Reading
साहित्य
1 min read
745

आज चॉकलेट डे पर प्रसिद्द कवि विष्णु सक्सेना की कविता

February 9, 2018
0

बुझ न पाए वो प्यास मत देना, कोई लम्हा उदास मत देना, घोल दे ज़िंदगी मे कड़वाहट- ऐसी मुझको मिठास मत देना। द्वार जब दिल के खोल देती हो, सच मे मिश्री सी घोल देती हो, मुझको मिल जाती चॉकलेट तभी- जब भी मीठा सा बोल देती हो। “विष्णु सक्स्सेना”

Continue Reading
साहित्य
1 min read
795

प्रपोज डे पर कवि विष्णु सक्सेना की एक रचना

February 8, 2018
0

अश्क आंखों से आज बहने दो, अपना हर दर्द मुझको सहने दो, उम्र भर तुमसे जो न कह पाया आज वो बात मुझको कहने दो। आ निकल और बढ़ के देख ज़रा, तू ज़माने से लड़ के देख ज़रा, एक सागर है प्यार का मुझमे- मेरी आँखों में पढ़ के

Continue Reading
साहित्य
1 min read
834

कार के करिश्मे: काका हाथरसी

January 18, 2018
0

रोजाना हम बंबा पर ही घूमा करते उस दिन पहुँचे नहर किनारे वहाँ मिल गए बर्मन बाबू बाँह गले में डाल कर लिया दिल पर काबू कहने लगे- क्यों भई काका, तुम इतने मशहूर हो गए फिर भी अब तक कार नहीं ली ? ट्रेनों में धक्के खाते हो, तुमको

Continue Reading
साहित्य
1 min read
1095

कवि डॉ. नितिन मिश्रा मेंडू, रोड हाथरस

November 4, 2017
0

Continue Reading