
हाथरस 31 मार्च । हास्य और व्यंग्य के शिखर पुरुष पद्मश्री काका हाथरसी द्वारा विश्व में पहली बार शुरू किया गया अनूठा कार्यक्रम ‘मूर्खिस्तान का महामूर्ख सम्मेलन’ इस वर्ष भी अपनी पूरी भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। ब्रज कला केंद्र के तत्वावधान में यह अद्भुत कार्यक्रम बुधवार, 1 अप्रैल को सायं ठीक 4 बजे आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन में संपन्न होगा।
67 वर्षों की अनवरत परंपरा
संयोजक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने जानकारी देते हुए बताया कि हाथरस में यह महामूर्ख सम्मेलन अपने गौरवमयी 67 वर्ष पूरे कर रहा है। काका हाथरसी की ‘मूर्खिस्तान वसीयत’ के अनुसार, इस बार राष्ट्रीय कवि संगम, संस्कार भारती और काका स्मारक समिति जैसी संस्थाएं इस प्रस्तुति में साझा सहयोग कर रही हैं।
आयोजन के मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम में काका हाथरसी की विभिन्न विधाओं जैसे नाटक, चित्रकला, संगीत और हास्य काव्य का अनूठा समावेश देखने को मिलेगा। इस दौरान कुल 17 मुख्य प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं,आशु कवि अनिल बौहरे लिखित मूर्खिस्तान स्थापना, हास्य और व्यंग्य से भरपूर ‘मूर्खों की अदालत, काका के अमर पात्र तानाशाह ढपोरशंख, खट्टा सिंह, लठ्ठा सिंह और झपट्टा एक बार फिर मंच पर जीवंत होकर ‘मूर्खिस्तान’ में कुलाचें भरेंगे।
देशभर के दिग्गज बिखेरेंगे हास्य के रंग
सम्मेलन में काव्य और कला जगत की जानी-मानी हस्तियां अपनी प्रस्तुति देंगी, जिनमें दिल्ली से राजू भाई, आगरा से रवीन्द्र शर्मा ‘रवि’, सनसनी, रूपेश कुलश्रेष्ठ, संजय दयालबागी, उदय ऐटवी, प्रमोद विषधर (सिकन्दराराऊ) और गाफिल स्वामी (इगलास) आदि प्रमुख नाम हैं। इनके साथ ही हाथरस के स्थानीय कवि और कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि काका हाथरसी की उस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसने हाथरस को विश्व पटल पर हास्य की राजधानी के रूप में पहचान दिलाई।






















