हाथरस 01 अक्टूबर। मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने गुरुवार को विकासखंड सासनी के समामई रूहल स्थित गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौवंश के लिए उपलब्ध चारा, पानी, शेड, चिकित्सा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान गौ आश्रय स्थल में कुल 169 गौवंश मिले, जिनमें 44 नर और 125 मादा गौवंश हैं। मौके पर करीब 150 कुंतल भूसा स्टॉक में उपलब्ध पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि गौवंश के लिए प्रतिदिन लगभग 38 कुंतल हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। गौ आश्रय स्थल में 2000 कुंतल क्षमता का वृहद भूसा घर तथा 150×50 फीट का बड़ा शेड निर्मित है। शेड में दो चरही और दो गोमूत्र एकत्रीकरण यूनिट भी बनाई गई हैं। इसके अलावा गौ-बच्चा घर और आइसोलेशन वार्ड संचालित है। परिसर में आठ पानी की हौद, छह चरही और दो समरसेबल पंप लगे हैं। प्रत्येक शेड के लिए 3000 और 1500 लीटर क्षमता की पानी की टंकियां भी स्थापित की गई हैं। सीडीओ ने गौ आश्रय स्थल के बाहर निर्माणाधीन 170 फीट लंबाई और 48 फीट चौड़ाई वाले शेड के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बिजली कनेक्शन और तीन सीसीटीवी कैमरे भी लगे मिले। जेसीबी मालिक एवं चालक के नाम और मोबाइल नंबर भी परिसर में अंकित पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि गौशाला से गोबर की बिक्री सात रुपये प्रति घन फीट की दर से की जा रही है तथा इससे प्राप्त धनराशि गौशाला के खाते में जमा कराई जा रही है। गौ आश्रय स्थल में दिन के समय पांच और रात्रि में दो केयरटेकर तैनात हैं।
नर गौवंश को पराग डेयरी भेजने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने 20 नर गौवंश को इस गौ आश्रय स्थल से पराग डेयरी भेजने के निर्देश दिए। साथ ही पराग डेयरी से 150 गौवंश को तत्काल गौशाला में शिफ्ट कराने को कहा। उन्होंने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गौकास्ट तैयार कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी अनुज मिश्र, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बिहारी लाल, अवर अभियंता हरीमोहन तथा ग्राम पंचायत सचिव विदेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।









