
हाथरस 12 अक्टूबर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान माता-पिता को खो चुके शिवम और दीप्ति के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा उनकी शिक्षा-दीक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू
जनता दर्शन में शिवम और दीप्ति से संबंधित प्रकरण सामने आने पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को मुख्यमंत्री बाल विकास योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए आवेदन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पात्रता के अनुसार पंचायत कल्याण कोष से तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बैंक बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी शिक्षा-दीक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भूमि के कथित फर्जी बैनामे की शिकायत पर जांच के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान बच्चों की भूमि के कथित फर्जी बैनामे से संबंधित शिकायत भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने और मामले का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जाए और शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध तरीके से राहत उपलब्ध कराई जाए।
प्रत्येक कार्यदिवस में जनसुनवाई के निर्देश
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक कार्यदिवस में अपने कार्यालय में जनसुनवाई करें। जिन शिकायतों का मौके पर समाधान संभव हो, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए। भूमि विवादों के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को अपने सरकारी सीयूजी नंबर पर स्वयं उपलब्ध रहने और नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक प्रकरण में समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।










