हाथरस 01 अक्टूबर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना को सुचारु, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने मां सरस्वती के छविचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कार्मिक अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को फील्ड स्तर पर संबंधित गणना कर्मियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। किसी भी प्रकार की शंका अथवा कठिनाई होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समाधान कराया जाए। उन्होंने “हर शहर, हर गांव छूटे न कोई नाम” की भावना के अनुरूप निष्पक्षता, सावधानी एवं निर्धारित मानकों के अनुसार जनगणना कार्य पूरा कराने पर जोर दिया।
किसी व्यक्ति या परिवार की गणना न छूटे
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की भविष्य की योजनाओं, नीतियों और विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रगणक परिवारों को जनगणना के महत्व और उसकी उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दे। पेंशन, राशन कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की आवश्यकताओं और पात्र लाभार्थियों के आकलन में जनगणना के आंकड़े उपयोगी होते हैं। जितने सटीक और गुणवत्तापूर्ण आंकड़े होंगे, योजनाओं का नियोजन भी उतना ही बेहतर होगा।
स्व-गणना को बढ़ावा देने पर जोर
जिलाधिकारी ने स्व-गणना को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक शिक्षित एवं युवा वर्ग को अपने और अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए प्रेरित करने को कहा। विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, एनजीओ एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा गांवों और वार्डों में स्व-गणना का डेमो कराने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, जाति, दिव्यांगता, साक्षरता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास, स्वास्थ्य सहित अन्य सामाजिक-आर्थिक सूचनाओं को सावधानीपूर्वक दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रगणकों से कहा कि वे प्रत्येक परिवार को यह भी समझाएं कि जनगणना क्यों जरूरी है और इससे आमजन को क्या लाभ मिलेगा।
40 सवालों के माध्यम से जुटाई जाएंगी जानकारियां
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने बताया कि फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण 1 से 3 अक्टूबर तथा 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले कार्मिकों को जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से—
- मूलभूत जानकारी: नाम, परिवार के सदस्य से संबंध एवं लिंग।
- जनसांख्यिकीय जानकारी: जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी एवं राष्ट्रीयता।
- सामाजिक जानकारी: धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति/जाति, माता-पिता एवं दिव्यांगता संबंधी जानकारी।
- भाषा एवं शिक्षा: मातृभाषा, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता एवं शिक्षा।
- आर्थिक गतिविधियां: कार्य की स्थिति, गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग एवं कामगार की श्रेणी।
- प्रवास संबंधी जानकारी: जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, प्रवास का कारण, अवधि एवं स्थायी पता।
- प्रजनन संबंधी जानकारी: जीवित बच्चों की संख्या, कभी जन्मे बच्चों की संख्या एवं पिछले वर्ष जन्मे बच्चे।
- अन्य विवरण: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट एवं ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी जानकारी।
इन जानकारियों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत, जनसांख्यिकीय, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक, प्रवास, प्रजनन एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं संकलित की जाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों को द्वितीय चरण में होने वाली जनसंख्या गणना, गणना प्रपत्रों, आवश्यक दिशा-निर्देशों तथा फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड ट्रेनरों को निर्देशित किया गया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित सूचनाओं का सही, पूर्ण एवं सावधानीपूर्वक संकलन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उपलब्ध कराई गई सूचनाओं की गोपनीयता का भी पूर्ण ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जनगणना-2027 के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने और हाथरस को बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में शामिल कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर सहित जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










