
हाथरस 04 जनवरी । हरिद्वार से रामेश्वरम तक कांवड़ यात्रा लेकर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया। बीते दिनों महाराष्ट्र के नागपुर से करीब 105 किलोमीटर आगे वर्धा जिले के थाना बड़नेर क्षेत्र में पैदल व ट्रैक्टर से चल रहे कांवड़ियों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में जगदीश पुत्र गिरीश चंद्र (उम्र लगभग 35 वर्ष) निवासी ग्राम समामई की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल पियूष पुत्र योगेश दीक्षित, निवासी ग्राम बबूल, थाना हाथरस जंक्शन की शनिवार देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। पियूष रिश्ते में भोला पंडित के मामा का लड़का था। वह लगभग आठ दिन पहले अपने बड़े भाई मृदुगुल के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होने गया था, हालांकि उसका भाई कुछ दिन पहले वापस गांव लौट आया था। पियूष के.एल. जैन इंटर कॉलेज में कक्षा 9 का छात्र था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक का शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और कई थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से अंतिम संस्कार कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

हरिद्वार से रामेश्वरम तक की पदयात्रा
जानकारी के अनुसार सासनी क्षेत्र के ग्राम समामई निवासी भोला पंडित की हरिद्वार से रामेश्वरम तक की ऐतिहासिक पदयात्रा के दौरान एक हृदयविदारक हादसा हो गया। 51 लीटर की विशाल कांवड़ लेकर अपने साथियों के साथ निकले भोला पंडित का जत्था जब नागपुर से करीब 100 किलोमीटर आगे पहुंचा, तभी दोपहर लगभग एक बजे तेज गति व अनियंत्रित ट्रक ने पीछे से उनके साथ चल रहे ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में भोला पंडित के साथी 35 वर्षीय जगदीश पुत्र गिरीशचंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नागपुर में उपचार के दौरान आज सुबह भोला पंडित के मामा के पुत्र 16 वर्षीय पीयूष पुत्र योगेश शर्मा ने भी दम तोड़ दिया। घटना में अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
एक और कांवड़िये की इलाज के दौरान मौत
हादसे में गंभीर रूप से घायल पियूष पुत्र योगेश दीक्षित, निवासी ग्राम बबूल, थाना हाथरस जंक्शन की शनिवार देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। पियूष रिश्ते में भोला पंडित के मामा का लड़का था। वह लगभग आठ दिन पहले अपने बड़े भाई मृदुगुल के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होने गया था, हालांकि उसका भाई कुछ दिन पहले वापस गांव लौट आया था। पियूष के.एल. जैन इंटर कॉलेज में कक्षा 9 का छात्र था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों की पहल
घटना की जानकारी मिलने पर ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय आज ग्राम समामई पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी, घायलों का हाल-चाल जाना और शासन-प्रशासन से मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 लाख की सहायता दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अपनी ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। इस दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और कांवड़ यात्रा की खुशियां मातम में बदल गई हैं।



















