
हाथरस 09 अप्रैल । जिला महिला चिकित्सालय में प्रसूता पूनम और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में गठित चार सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी कार्यवाही पूरी कर ली है। गुरुवार को कमेटी के अध्यक्ष व सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव रॉय को सौंप दी। अब इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और चिकित्सकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
क्या था पूरा मामला?
शहर के गणेशगंज निवासी ललित की पत्नी पूनम को बीते दिनों प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद शिशु की मौत हो गई और कुछ ही देर बाद पूनम ने भी दम तोड़ दिया। इस दोहरी मौत से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और स्टाफ पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था।
चार सदस्यीय कमेटी ने की गहन जांच
सीएमओ ने इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए बागला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी, जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. आरएन सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा गर्ग और जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता ऊषा रानी शामिल रहीं।
बयानों में रहा विरोधाभास
जांच के दौरान कमेटी ने मृतक प्रसूता के परिजनों के अलावा शाम और रात्रि की ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और आशा कार्यकत्रियों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती बयानों से असंतुष्ट होकर कमेटी ने दोबारा पूछताछ की थी। इस दौरान आशा कार्यकत्रियों ने विरोध जताते हुए हंगामा भी किया था। काफी खींचतान के बाद बुधवार को जांच की प्रक्रिया पूरी की गई।
जल्द हो सकती है कार्रवाई
कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सूर्य प्रकाश ने पुष्टि करते हुए बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब गेंद सीएमओ के पाले में है। यदि रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस रिपोर्ट के आने के बाद अब मृतका के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है।























