
हाथरस 06 अप्रैल । आरटीआई एक्टिविस्ट अनुराग ज्योति की हत्या के मामले में अधिवक्ता को पुलिस ने जेल भेज दिया है। अनुराग ज्योति के साथी दिनेश श्रोती ने विवेकानंद नगर निवासी अधिवक्ता तरुण शर्मा के खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट में अभियोग पंजीकृत कराया है। अनुराग ज्योति का शव शनिवार की सुबह अलीगढ़ रोड स्थित विवेकानंद नगर में आरोपित अधिवक्ता के चैंबर से लहूलुहान हालत में बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, देर रात शराब के नशे में दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें मारपीट के दौरान अनुराग की मृत्यु हो गई। शुक्रवार रात लगभग नौ बजे अधिवक्ता तरुण शर्मा आरटीआई एक्टिविस्ट अनुराग ज्योति से मिलने नगर पालिका के शेल्टर होम पहुंचे थे। रात करीब तरुण अनुराग को अपनी स्कूटी पर बैठाकर घर ले आए और दोनों अपने चैंबर में बैठकर शराब पीने लगे। दोनों में काफी दोस्ती थी। देर रात शराब के नशे में अनुराग ने वकील के चाचा को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसी बात पर तरुण शर्मा अपना आपा खो बैठे और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि तरुण ने शराब की बोतल व डंडे आदि से अनुराग पर हमला किया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अनुराग ज्योति के शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। अनुराग हाथरस में अकेले रहते थे और उनका करीब 14 साल पहले अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था। उनका एक बेटा मुंबई में नौकरी करता है। पिता की हत्या के बाद बेटा हाथरस आया, लेकिन उसने मुकदमा दर्ज कराने से मना कर दिया। इसके बाद अनुराग के दोस्त दिनेश श्रोती ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके बाद अभियोग पंजीकृत कर लिया गया। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अधिवक्ता को जेल भेज दिया है।
अनुराग की पत्नी दिल्ली के अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि बेटा मुंबई में मल्टी नेशनल कंपनी में कार्य करता है
मिली जानकारी के अनुसार अनुराग ज्योति के पिता रेलवे में गार्ड थे तथा मां स्कूल में शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त थीं। शादी भी अच्छी जगह से हुई थी, लेकिन शराब की लत के कारण परिवार बिखर गया। वर्ष 2014 के करीब पत्नी बेटे को लेकर अलग हो गईं। बाद में उन्होंने तलाक भी ले लिया। इधर अनुराग ने त्रिवेदी नगर वाला मकान भी बेच दिया। कई सालों तक किराए पर रहे। जब किराया नहीं निकला तो शेल्टर होम में रहने लगे। रात का खाना दिनेश तो दोपहर का खाना दूसरे मित्र के यहां से आता था। अनुराग की पत्नी डॉ. विभा दिल्ली में दिलशाद गार्डन स्थित अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि बेटा कबीर मुंबई में मल्टी नेशनल कंपनी में कार्य कर रहा है। पुलिस ने बताया कि दो महीने पहले शराब की लत के कारण अधिवक्ता का भी पत्नी से विवाद हो गया था, जिस कारण वह मायके चली गई थीं। रिश्तेदारों ने एहतियातन उनके घर पर ताला लगा दिया। इस कारण कुछ दिन अधिवक्ता शेल्टर होम में भी रहे थे। यहीं से दोनों का उठना बैठना शुरू हो गया। रात लगभग आठ बजे अनुराग अपने मित्र दिनेश श्रोती से मिले थे तथा दुकान से खाना लेकर शेल्टर होम चले गए थे। वहां से तरुण के साथ उनके घर चले गए और घटना हो गई।
18 साल पहले हुआ था तिहरे हत्याकांड
लगभग 18 साल पहले अलीगढ़ रोड स्थित नवग्रह गेस्ट हाउस में हुए गोली कांड में तीन लोगों की मौत हो गई थी। एक शादी समारोह में यह घटना हुई थी। मामले में अधिवक्ता के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें उन्हें जेल जाना पड़ा था। मामला न्यायालय में पहुंचा। गवाह व अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद शहर में उस मामले की भी चर्चा रही।






















