
नई दिल्ली 07 जनवरी । अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को लेकर अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को चेतावनी जारी की है। दूतावास ने कहा कि किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर छात्रों को देश से निकाला (डिपोर्ट) किया जा सकता है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष सुविधा है। वहां रहते हुए यदि कोई कानून तोड़ा गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में दूतावास ने कहा कि अगर आप गिरफ्तार होते हैं या कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है, आप निर्वासित किए जा सकते हैं और भविष्य में अमेरिका का वीजा मिलने से रोका जा सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कुछ महीने पहले ट्रंप प्रशासन ने छात्र वीजा प्रक्रिया में बड़े बदलावों की घोषणा की थी। इनमें अधिक शुल्क, सोशल मीडिया जांच और छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि पर प्रस्तावित सीमा शामिल हैं। बदलावों के केंद्र में ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार जुलाई 2025 को हस्ताक्षर किए थे। इस बिल के तहत वीजा अखंडता शुल्क: $250 (लगभग 21,463 रुपये) एवं फॉर्म आई-94 शुल्क: $24 (लगभग 2,060 रुपये) का अनिवार्य शुल्क लगाया गया। इसके अलावा, ट्रंप ने एच-1बी वीजा के लिए प्रति वर्ष $1 लाख का नया आवेदन शुल्क लगाने का आदेश भी दिया, जिसका सबसे बड़ा असर भारतीय नागरिकों पर होगा, क्योंकि एच-1बी वीजा प्राप्त करने वालों में उनकी संख्या सबसे अधिक है। अमेरिकी दूतावास ने छात्रों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा या अध्ययन योजना को खतरे में न डालें।




















