सिकंदराराऊ (हसायन) 21 फरवरी । विकासखंड हसायन के ग्राम बपंडई स्थित अस्थाई वृहद गौ संरक्षण केंद्र में नौ दिन पूर्व हुई गौतस्करी की सनसनीखेज कोशिश के मामले में पुलिसिया कार्रवाई न होने से क्षेत्र के गौरक्षकों और ग्रामीणों में भारी उबाल है। घटना बीती 13 फरवरी की रात करीब 1 बजे की है, जब महाराष्ट्र पासिंग नंबर के एक छह पहिया बाडीबंद कंटेनर में गौवंशों को भरकर ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तस्कर हवाई फायरिंग करते हुए वाहन छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाहन को कब्जे में तो ले लिया, लेकिन घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी अब तक न तो आरोपियों की पहचान हुई और न ही कोई ठोस विधिक कार्रवाई की गई।
पुलिस की इस निष्क्रियता से नाराज अंतरराष्ट्रीय गौमाता गौरक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष संदीप उपाध्याय के नेतृत्व में गौरक्षकों ने 18 फरवरी को जिलाधिकारी अतुल वत्स से भी मुलाकात की थी। कलेक्ट्रेट प्रभारी प्रज्ञा यादव को ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई संतोषजनक परिणाम न निकलने पर अब गौरक्षकों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। संगठन ने घोषणा की है कि आज, 22 फरवरी (रविवार) को सुबह 10 बजे से सिकंदराराऊ-जलेसर रोड स्थित भैकुरी चौराहे के पास विशाल धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनपद के सभी गौसेवकों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
गौरक्षकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक गौवंश तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने जल्द सुध नहीं ली, तो इस धरने को आमरण अनशन में परिवर्तित कर दिया जाएगा। इधर, गौरक्षकों द्वारा धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और खुफिया विभाग (LIU) भी सतर्क हो गया है। भैकुरी चौराहे पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती और खुफिया नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।













