
हाथरस 27 फरवरी । भीम आर्मी – जय भीम संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा। संगठन ने उच्च शिक्षा में दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ हो रहे भेदभाव को रोकने और बौद्ध धरोहरों के संरक्षण जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मांग की कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों का शिक्षण संस्थानों में कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने वर्ष 2026 में UGC द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में ‘समान अवसर केंद्र’ और ‘प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र’ की स्थापना अनिवार्य है, लेकिन कई संस्थान अब भी इनकी अनदेखी कर रहे हैं।
छात्रों के साथ भेदभाव का लगाया आरोप
भीम आर्मी जय भीम ने आरोप लगाया कि SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा में जानबूझकर निशाना बनाया जाता है। प्रैक्टिकल, वायवा (मौखिक परीक्षा) और आंतरिक मूल्यांकन में इन वर्गों के छात्रों को कम अंक देकर उनकी मेरिट प्रभावित की जा रही है, जिससे उनके करियर और रोजगार के अवसरों पर सीधा प्रहार हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक UGC एक्ट का सख्त क्रियान्वयन नहीं होगा, तब तक शैक्षणिक संस्थानों में यह अन्याय नहीं रुकेगा।
महाबोधि महाविहार के प्रबंधन की मांग
ज्ञापन में दूसरा बड़ा मुद्दा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध धरोहर महाबोधि महाविहार के प्रबंधन का उठाया गया। संगठन का तर्क है कि इस पवित्र स्थल पर वर्तमान में दूसरे समुदाय का नियंत्रण है, जो कि अनुचित है। उन्होंने मांग की कि इस महाविहार का पूर्ण प्रबंधन और नियंत्रण बौद्ध भिक्षुओं को ही सौंपा जाना चाहिए।















