
हाथरस 23 मार्च । पूर्वोत्तर रेलवे ने एक बार फिर टनकपुर-अछनेरा एक्सप्रेस के 75 फेरों के संचालन को मंजूरी दे दी है, लेकिन यात्रियों की ‘नियमितिकरण’ की पुरानी मांग अब भी अधर में लटकी है। पिछले तीन वर्षों से स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाई जा रही इस ट्रेन को लेकर क्षेत्रीय जनता और दैनिक यात्रियों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। मथुरा कैंट से अछनेरा तक विस्तार होने के बाद इस ट्रेन की उपयोगिता और यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। हाथरस और मथुरा के बीच कनेक्टिविटी के लिए यह एक महत्वपूर्ण साधन है। इसके बावजूद, रेलवे इसे नियमित घोषित करने के बजाय बार-बार फेरे बढ़ाकर ‘अस्थायी’ रूप से संचालित कर रहा है। वर्तमान में यह ट्रेन सप्ताह में केवल पांच दिन ही चलती है, जबकि स्थानीय लोग इसे सातों दिन नियमित रूप से चलाने की मांग कर रहे हैं।
बुजुर्गों और लंबी दूरी के यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
ट्रेन के कोच कंपोजिशन को लेकर भी यात्रियों ने सवाल उठाए हैं। वर्तमान में केवल वातानुकूलित कुर्सीयान (AC Chair Car) में ही आरक्षण की सुविधा उपलब्ध है। शेष सभी कोच अनारक्षित (General) हैं। इस व्यवस्था के कारण लंबी दूरी के यात्रियों और बुजुर्गों को सीट न मिलने से भारी असुविधा होती है। यात्रियों की मांग है कि सामान्य श्रेणी के कोचों में भी आरक्षण (Reservation) की सुविधा शुरू की जाए ताकि यात्रा व्यवस्थित हो सके।
क्या कहता है रेल प्रशासन?
पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा के अनुसार, किसी भी ट्रेन को नियमित करने या उसकी समय सारिणी में बदलाव का अंतिम निर्णय ‘रेलवे बोर्ड’ के स्तर पर लिया जाता है। बोर्ड के निर्देशों के क्रम में ही फेरे बढ़ाए गए हैं।
कासगंज-मथुरा पैसेंजर अब 3 अप्रैल तक जाएगी गंगापुर सिटी
इसी बीच, रेलवे ने कासगंज से मथुरा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन के अस्थाई विस्तार की अवधि को भी बढ़ा दिया है। अब यह ट्रेन 3 अप्रैल तक गंगापुर सिटी तक संचालित की जाएगी। इस विस्तार से राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों को कुछ और समय के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध रहेगी।


























