
हाथरस 08 मार्च । उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के सुप्रसिद्ध साहित्यकार सेवक हाथरसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का मान बढ़ाया है। उनकी बहुचर्चित साहित्यिक कृति “यथार्थ हुस्न” को कनाडा सरकार के बौद्धिक संपदा विभाग द्वारा आधिकारिक कॉपीराइट प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र 25 फरवरी 2026 को जारी किया गया, जो हाथरस के गौरवशाली साहित्यिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। कनाडा सरकार द्वारा जारी इस पंजीकरण प्रमाणपत्र के अनुसार, “यथार्थ हुस्न” को एक मौलिक साहित्यिक कृति के रूप में मान्यता दी गई है। अभिलेखों के अनुसार, इस कृति का प्रथम प्रकाशन 1 मई 2021 को हाथरस (भारत) में हुआ था। अब अंतरराष्ट्रीय कॉपीराइट प्राप्त होने के बाद इस रचना को वैश्विक स्तर पर कानूनी सुरक्षा प्राप्त हो गई है, जिससे इसकी मौलिकता और लेखक के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
आईपी केयर (द लॉ फर्म) के मैनेजिंग पार्टनर एडवोकेट दीपक शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भारतीय लेखक की कृति को कनाडा सरकार से कॉपीराइट मिलना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि अन्य भारतीय लेखकों को अपनी रचनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी। अपनी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सेवक हाथरसी ने कहा कि यह प्रमाणपत्र केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि भारतीय लेखन की गहराई और गरिमा की वैश्विक स्वीकार्यता है। उन्होंने इसे भारतीय साहित्य की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में समर्पित किया है।



































