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हाथरस 12 मार्च । हाथरस में दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पति, सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-6 शैलेंद्र सिंह के न्यायालय ने सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार फिरोजाबाद के रतौली निवासी सुरेश ने अपनी 19 वर्षीय पुत्री नंदिनी का विवाह 24 अगस्त 2022 को हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव भिंतर निवासी रामौतार उर्फ रामू पुत्र गजराज के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देकर किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति रामौतार उर्फ रामू, सास मायादेवी और ससुर गजराज अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर नंदिनी का उत्पीड़न करने लगे। नंदिनी ने कई बार अपने ससुराल वालों से कहा कि उसके माता-पिता गरीब हैं और अतिरिक्त दहेज देने में असमर्थ हैं, लेकिन इसके बावजूद उसे प्रताड़ित किया जाता रहा। तीनों आरोपी उसके साथ आए दिन मारपीट करते थे। नंदिनी ने कई बार अपने पिता सुरेश को भी इस बारे में बताया था। पिता उसे समझाते रहे कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। आरोप है कि 2 नवंबर 2022 को शाम करीब पांच बजे नंदिनी घर पर थी, तभी उसके पति, सास और ससुर ने फिर से अतिरिक्त दहेज की मांग की। जब नंदिनी ने मना किया तो तीनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर नंदिनी के पिता मौके पर पहुंचे, जहां उनकी बेटी मृत अवस्था में मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति रामौतार उर्फ रामू, सास मायादेवी और ससुर गजराज को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोविंद वशिष्ठ ने प्रभावी पैरवी की।

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