
हाथरस 24 मार्च । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन, पूर्ण एवं अपूर्ण परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करें और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक नया निर्देश जारी करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाएं अब प्रतिदिन कार्यरत मजदूरों की संख्या और कार्यस्थल के फोटोग्राफ्स विभागीय ग्रुप पर उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जनपद की महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे जिला अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक, नवीन जिला कारागार, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बर्दवारी और ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, तालाब चौराहा सौंदर्यकरण, 133 दुकानों का व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कान्हा गौशाला, और विभिन्न पेयजल योजनाओं (पुरदिल नगर, सादाबाद, सिकंदराराऊ) की प्रगति भी जांची गई। जिलाधिकारी ने पर्यटन विकास के अंतर्गत कंचना सरोवर, दाऊजी महाराज मंदिर, काली माई मंदिर और परासर तपोभूमि के कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परियोजना के हस्तांतरण (Handover) से पूर्व उसका मिलान मूल कार्ययोजना से अवश्य किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग, जल निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


























