
हाथरस 27 फरवरी । फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के पावन अवसर पर शुक्रवार को समूचे जनपद में आमलकी एकादशी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई। भगवान विष्णु को समर्पित इस दिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पुण्य लाभ कमाया। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक महिलाओं ने समूहों में विधि-विधान से आंवले के वृक्ष की पूजा-अर्चना की और परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। सुबह से ही मंदिरों और उद्यानों में महिलाओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने धूप, चंदन, रोली, सिंघाड़ा, बेर और सूत आदि सामग्री से आंवले के वृक्ष का पूजन किया। पूजा के उपरांत महिलाओं ने वृक्ष की परिक्रमा की और एकादशी की व्रत कथा सुनी। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
संतान और पति की दीर्घायु के लिए रखा व्रत
इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति और संतान की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व फलाहारी व्रत रखा। मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के पालन से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। रात्रि में जागरण और हरि कीर्तन के विशेष आयोजन किए गए।
दान-दक्षिणा के साथ संपन्न होगा अनुष्ठान
आमलकी एकादशी के इस अनुष्ठान का समापन अगले दिन द्वादशी को होगा। श्रद्धालु प्रातःकाल भगवान विष्णु की पूजा-आरती के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएंगे और सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा देकर अपने व्रत का पारण करेंगे।















