
सासनी 02 मार्च । आर्य समाज सासनी के तत्वावधान में होलिका दहन के पावन पर्व पर सोमवार को दयानंद बाल मंदिर परिसर में एक भव्य हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में आर्य समाज के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विश्व शांति, सामाजिक समरसता और पर्यावरण शुद्धि का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आर्य समाज के मंत्री वेद प्रकाश भार्गव के कुशल निर्देशन में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र अग्नि प्रज्वलित की गई, जिसमें उपस्थित सभी आर्य समाजियों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां प्रदान कीं। इस अवसर पर होलिका दहन की पारंपरिक रीति का पालन करते हुए यज्ञ की अग्नि में जौ की बालियां भी भूनी गईं। यज्ञ के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आर्य समाज के प्रधान नरेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि होलिका दहन न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि यह ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य की रक्षा हेतु वातावरण की शुद्धि का एक वैज्ञानिक माध्यम भी है।
श्री दयानंद शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ. अमित भार्गव ने सत्यार्थ प्रकाश का संदर्भ देते हुए कहा कि यह पर्व ऊंच-नीच और जातिवाद जैसे भेदभाव को त्यागकर एक-दूसरे को गले लगाने का संदेश देता है। वहीं, विद्याभूषण गर्ग ने कहा कि आर्य समाज के लिए होली ‘पवित्रता’ और ‘परिवर्तन’ का उत्सव है, जो हमें अपने भीतर के विकारों की आहुति देने की प्रेरणा देता है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से रवि रावत, निर्मल कुमार वार्ष्णेय, बनवारी लाल वर्मा, अमन भार्गव, प्रधानाध्यापिका अर्चना शर्मा, शिक्षिका उषा गुप्ता, आरती, संध्या, जगदीश प्रसाद शर्मा और श्याम वार्ष्णेय सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरित कर होली की मंगलकामनाएं दी गईं।



































