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हाथरस 10 मार्च । जिला विकास कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आई, जिस पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में पाया गया कि विकास खंड सहपऊ से 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए लेखाकार दिनेशपाल सिंह ने अब तक ग्रांट रजिस्टर और कैशबुक का प्रभार नहीं सौंपा है। इस पर सीडीओ ने कार्यालयाध्यक्ष को उनके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

सेवा पुस्तिका और पंजिकाओं में मिली खामियां

सीडीओ ने सेवा पुस्तिकाओं की बारीकी से जांच की, जिसमें शैलेष कृष्ण वर्मन की सेवा पुस्तिका में नॉमिनी के रूप में उनकी मां का नाम दर्ज मिला, जबकि वे विवाहित हैं। उन्हें तत्काल अपनी पत्नी का नाम और परिवार का विवरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही उनकी एनपीएस पासबुक में भी नॉमिनेशन अधूरा पाया गया। वहीं, आकस्मिक अवकाश पंजिका में भारी अनियमितता मिली, जहाँ 11 में से केवल तीन कर्मचारियों का विवरण दर्ज था। इस पर स्थापना सहायक प्रभाकर शर्मा से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

अपूर्ण कार्यों पर वेतन रोकने के आदेश

मुख्यमंत्री शिकायत पंजिका और शिष्टाचार पंजिका के बिंदुओं पर अनुपालन आख्या न मिलने पर सीडीओ ने वरिष्ठ सहायक पवन मिश्रा और पटल सहायक धनंजय गुप्ता का मार्च माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, जीपीएफ पासबुक और लेजर में अंतर मिलने पर पटल सहायकों को इसे तुरंत अपडेट करने के लिए कहा गया है। सीडीओ पीएन दीक्षित के इस औचक निरीक्षण ने कार्यालय में व्याप्त शिथिलता की पोल खोल दी है, जिससे कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

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