हाथरस 11 जनवरी । राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानन्द जयंती के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आनंदपुरी कॉलोनी के मीडिया कोऑर्डिनेटर बी.के. दिनेश ने युवाओं से स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में पवित्र ब्रह्मचर्य और संयम को अपनाकर अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए। बी.के. दिनेश ने स्वामी विवेकानन्द के प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “मुझे सौ ऊर्जावान ब्रह्मचारी युवा दे दो, मैं भारत का चेहरा बदल दूंगा”। उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में जहां भक्ति, पूजा-पाठ बढ़ा है, वहीं काम विकार का प्रवाह भी अत्यधिक हो गया है, जिससे समाज का हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नैतिकता और मर्यादा के अभाव में समाज में गिरावट आ रही है। गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा व्यवस्था और आध्यात्मिक जीवन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब स्वामी विवेकानन्द जैसे महापुरुष ब्रह्मचर्य जीवन की प्रेरणा देते हैं, तो लोग सृष्टि संचालन की चिंता क्यों करने लगते हैं, जबकि स्वयं अपने जीवन में अनुशासन का पालन नहीं करते।
बी.के. दिनेश ने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य का पालन न करने के पीछे हमारी ही कमजोरी छिपी है। उन्होंने बताया कि असली शक्ति और मर्दानगी काम वासना में नहीं, बल्कि संयम, साहस और राष्ट्र सेवा में है। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा अपनी ऊर्जा को गलत दिशा में खर्च कर अपराध की ओर बढ़ रहा है, जो राष्ट्र के लिए चिंताजनक है। अंत में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब भारत का युवा अपनी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति का उपयोग देश को सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने में करेगा।




















