
सासनी 12 अप्रैल । प्रेम, अहिंसा एवं दया धर्म के प्रणेता और वार्ष्णेय कुल प्रवर्तक श्री अक्रूर जी महाराज का जन्मोत्सव रविवार को नगर में बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल बारहसैनी धर्मशाला में आचार्य शैलेश शर्मा एवं अतुल शर्मा द्वारा वेदमंत्रोच्चारण के बीच आयोजित हवन-यज्ञ से हुआ। इसके पश्चात शोभायात्रा के संस्थापक पूर्व चेयरमैन इं. नमेश चंद्र वार्ष्णेय, सहसंस्थापक चंद्र प्रकाश वार्ष्णेय एवं खचेरमल चौधरी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोभायात्रा का विधिवत उद्घाटन चेयरमैन राजीव कुमार वार्ष्णेय ने फीता काटकर किया, जिसके बाद बैंड-बाजों और मनमोहक झांकियों के साथ यह विशाल यात्रा गोला कुआं महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों—बजरिया, अयोध्या चौक, कन्या इंटर कॉलेज मार्ग, विष्णुपुरी, बस स्टैंड और गांधी चौक से होती हुई गुजरी।
पूरी शोभायात्रा के दौरान भक्ति का ऐसा माहौल रहा कि श्रद्धालु श्री राधा-कृष्ण की मधुर धुनों पर थिरकते नजर आए और नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में श्री वार्ष्णेय युवा संगठन का विशेष सहयोग रहा, जबकि अखिल भारतीय महिला वेलफेयर एसोसिएशन की महिलाओं ने भी जोश के साथ सहभागिता की। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार और कस्बा इंचार्ज दीपक शुक्ला पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। इस अवसर पर संयोजक सुनील वार्ष्णेय केमिस्ट, सहसंयोजक संजय वार्ष्णेय, नरेश वार्ष्णेय, कमल वार्ष्णेय चक्कू, दिनेश वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, निर्देश चन्द्र वार्ष्णेय, वकील वार्ष्णेय, अभिषेक वार्ष्णेय, दीपेश वार्ष्णेय, राजेन्द्र वार्ष्णेय उर्फ राजू हलवाई, प्रधानाचार्य महेश कुमार वार्ष्णेय, दिनेश वार्ष्णेय, मनोज वार्ष्णेय, आशीष वार्ष्णेय, राजेन्द्र वार्ष्णेय बीमा वाले, सुभाषचन्द्र मसाले वाले, पुष्कर वार्ष्णेय, प्रवीन वार्ष्णेय, सभासद सुरेन्द्र वार्ष्णेय, आकाश वार्ष्णेय, दाऊदयाल वार्ष्णेय, ओमप्रकाश चौधरी, प्रदीप वार्ष्णेय, डब्बू वार्ष्णेय, कृष्णकांत वार्ष्णेय कन्नू, नरेन्द्र वार्ष्णेय, ऋषि वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, मोहित वार्ष्णेय, रामसरन वार्ष्णेय, गोपाल वार्ष्णेय, योगेश वार्ष्णेय, राजू सेठ, संजीव वार्ष्णेय, धीरेन्द्र गॉधी, अजय वार्ष्णेय, सूरज बाबू वार्ष्णेय सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी व सैकड़ों की संख्या में वार्ष्णेय समाज के लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने समापन आरती में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

























