
नई दिल्ली 07 मार्च । टेक जगत के दिग्गज सुंदर पिचाई एक बार फिर सुर्खियों में हैं। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने उनके लिए अगले तीन वर्षों का अधिकतम संभावित वेतन पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर (करीब 6361 करोड़ रुपये) तय किया है, जो उन्हें दुनिया के सर्वाधिक कमाई करने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) की श्रेणी में खड़ा करता है। इस पैकेज की सबसे बड़ी खूबी इसका प्रदर्शन-आधारित (performance-based) ढांचा है। जहाँ उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर है, वहीं इस डील का बड़ा हिस्सा ‘परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स’ (PSU) के रूप में है, जिसका मूल्य अल्फाबेट के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर घटेगा या बढ़ेगा। यदि कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहता है, तो यह राशि और अधिक बढ़ सकती है।
इस डील में पहली बार गूगल की सेल्फ-ड्राइविंग शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्टअप ‘विंग’ की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर तक के विशेष इंसेंटिव्स भी जोड़े गए हैं। बोर्ड का यह निर्णय सुंदर पिचाई के उस प्रभावशाली नेतृत्व को मान्यता देता है, जिसमें उन्होंने 2015 से अब तक गूगल के मार्केट कैप को 535 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3.6 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँचाया है। एआई (AI) की दौड़ में गूगल की दमदार वापसी और वैश्विक स्तर पर चल रहे जटिल एंटीट्रस्ट मुकदमों के बीच कंपनी को सुरक्षित बाहर निकालने की उनकी कुशल रणनीतियों ने अल्फाबेट के भरोसे को और मजबूत किया है। यह वेतन पैकेज केवल उनकी पिछली उपलब्धियों का इनाम नहीं, बल्कि आने वाले समय में ऑटोनॉमस ड्राइविंग और एआई जैसी भविष्य की तकनीकों में गूगल की सफलता सुनिश्चित करने का एक बड़ा निवेश भी है।






































