सिकंदराराऊ (हसायन) 16 मार्च । विकासखंड क्षेत्र के जलेसर-सासनी मार्ग स्थित ग्राम पंचायत महासिंहपुर के माजरा नगला मया (पोस्ट महौ) के एक किसान ने प्रशासनिक उपेक्षा से क्षुब्ध होकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। अपने खेत तक जाने के लिए रास्ता न होने की समस्या से जूझ रहे किसान चंद्रपाल सिंह ने निर्णय लिया है कि वे अपनी मांग को लेकर 17 मार्च, मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना देंगे।
महीनों से लगा रहे गुहार, मिला सिर्फ आश्वासन
पीड़ित किसान चंद्रपाल सिंह का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से पंचायत से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों तक पत्राचार कर चुके हैं। थाना समाधान दिवस से लेकर तहसील संपूर्ण समाधान दिवस तक में उन्होंने अपनी पीड़ा सुनाई है। गत 7 मार्च को उन्होंने जिलाधिकारी अतुल वत्स को भी लिखित रूप से समस्या से अवगत कराया था। किसान का आरोप है कि अधिकारी गांव आकर मौका मुआयना तो कर गए और समाधान का भरोसा भी दिया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। विडंबना यह है कि बार-बार शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी उन्हें ‘शिकायत करने का आदी’ बताकर मामले को टाल रहे हैं।
शारीरिक पीड़ा और खेती में बाधा
किसान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उन्हें रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्या है, जिसके कारण वे भारी वजन नहीं उठा सकते। खेत तक रास्ता न होने के कारण उन्हें पशुओं के लिए चारा, भूसा, बीज और खाद सिर पर ढोकर ले जाना पड़ता है। उन्होंने दर्द साझा करते हुए कहा कि रास्ता होता तो वे साइकिल या मोटरसाइकिल का उपयोग कर पाते, लेकिन वर्तमान स्थिति में खेती करना उनके लिए शारीरिक और आर्थिक रूप से बेहद कष्टकारी हो गया है। हाल ही में शकरकंद की फसल की खुदाई के समय भी उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कल से कलेक्ट्रेट पर ‘आर-पार’ की जंग
किसान के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले सितंबर माह में ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान को समस्या बताई थी, लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। चंद्रपाल सिंह ने दोटूक कहा है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह एक भी व्यक्ति की गंभीर समस्या को अनसुना न करे।

























