
हाथरस 13 अप्रैल । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध और अस्थिरता का सीधा असर अब हाथरस के स्थानीय बाजारों में भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने और कच्चे माल की कीमतों में उछाल के कारण शहर के नजिहाई बाजार और हलवाई खाना के डिस्पोजेबल उत्पादों (दोना, पत्तल और गिलास) के बाजार की कमर टूट गई है। पिछले महज डेढ़ महीने के भीतर इन उत्पादों की कीमतों में 15 से 25 फीसदी तक की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महंगाई ने शादी वाले घरों और सहालग की तैयारी कर रहे परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि दावत का बजट अब अनुमान से काफी बाहर जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, डिस्पोजेबल आइटम बनाने में प्रयुक्त होने वाले पॉलिमर, प्लास्टिक दाना और विशेष पेपर की लागत सीधे तौर पर पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़ी होती है। युद्ध के कारण कच्चे माल की किल्लत और गैस की कीमतों में वृद्धि ने उत्पादन लागत बढ़ा दी है। जो दोना और प्लेट के पैकेट पहले थोक में 30 से 60 रुपये के मिलते थे, वे अब 70 रुपये के पार पहुंच गए हैं। वहीं, डिस्पोजेबल गिलास के प्रति कार्टन पर भी 100 से 150 रुपये की तेजी आई है। इस महंगाई की मार केवल बड़े व्यापारियों पर ही नहीं, बल्कि उन रेहड़ी-पटरी वालों पर भी पड़ी है जो चाट-पकौड़ी या चाय के काम में इन बर्तनों का उपयोग करते हैं। सामान की कीमतें बढ़ने के कारण कैटरर्स ने भी अपने पैकेज रेट बढ़ा दिए हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मांगलिक कार्यों का खर्च एक नई चुनौती बन गया है।





















