
हाथरस 12 दिसंबर । नगर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा के अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से चला आ रहा गतिरोध और टकराव का वातावरण आखिरकार प्रशासन व समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साझा प्रयासों से समाप्त हो गया है। आपको बता दें कि शोभायात्रा के अध्यक्ष पद के लिए जाटव एकता समिति द्वारा गिर्राज फौजी और डॉ. अंबेडकर अनुयायियों द्वारा लोकेंद्र का नाम सामने आने से विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर राजबहादुर और क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने एक समन्वय समिति का गठन किया, जिसमें राष्ट्रीय लोकदल के जिला महासचिव विश्वनाथ प्रताप सिंह (बंटी भैया), शम्मी गौतम और पूर्व नगरपालिका प्रत्याशी लल्लनबाबू एडवोकेट को शामिल किया गया। इस समिति ने दोनों पक्षों के साथ कई दौर की वार्ताएं कीं, जिसमें बंटी भैया ने रामलीला ग्राउंड और अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में दोनों पक्षों से अलग-अलग मिलकर समाज की एकता और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए मध्यस्थता की।
सकारात्मक वार्ताओं के परिणाम स्वरूप इगलास रोड स्थित उदय सिंह प्रधान के गेस्ट हाउस में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जहाँ समाज के संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में लोकेंद्र को आगामी शोभायात्रा का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। दूसरे पक्ष के प्रत्याशी गिर्राज सिंह फौजी ने बड़ा दिल दिखाते हुए लोकेंद्र को अपना पूर्ण समर्थन दिया, जिसके बाद उन्हें मेले का संरक्षक नियुक्त किया गया। इस अवसर पर समाज ने कड़ा निर्णय लेते हुए जाटव एकता समिति के शोभायात्रा संबंधी अधिकारों को शून्य घोषित कर दिया ताकि भविष्य में ऐसे विवादों की पुनरावृत्ति न हो। विवाद सुलझाने में रालोद नेता बंटी भैया की निष्पक्ष और बेबाक भूमिका की समाज ने मुक्त कंठ से सराहना की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 6 बजे राधा स्वामी बगीची से प्रभात फेरी निकाली जाएगी और 28 अप्रैल को शाम 5 बजे संत आश्रम बगीची शीलखेड़ा से मुख्य शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। इस घोषणा के दौरान पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामवीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रभा सिंह, सरकार साहब एडवोकेट सहित सैकड़ों की संख्या में अंबेडकर अनुयायी उपस्थित रहे।

























