हाथरस 10 अप्रैल । नियति की मार झेल रही एक मां के लिए इंसाफ की डगर बेहद पथरीली साबित हो रही है। शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी रानी, जिनके पति की मृत्यु 6 वर्ष पूर्व हो चुकी थी, अपनी 18 वर्षीय इकलौती बेटी कामिनी के सहारे जीवन काट रही थीं। लेकिन 29 दिसंबर 2025 को मालिन गली में कामिनी द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम ने इस परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। अब तीन महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़िता न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। कामिनी की मौत के बाद उसकी मौसी को उसके फोन में मिली व्हाट्सएप चैट और एक वीडियो से चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वीडियो में कामिनी ने अपने प्रेमी पर धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए उसे और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इस साक्ष्य के बावजूद आरोपी पक्ष के हौसले बुलंद हैं। मृतका की मौसी का आरोप है कि मुख्य आरोपी जमानत मिलने के बाद खुलेआम घूम रहा है और अब पीड़ित परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। बेटी खोने के गम में सुध-बुध खो चुकी मां अब ठीक से बोल भी नहीं पाती हैं। उनकी बहन (कामिनी की मौसी) ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की शिथिलता के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।
सरकार से लगाई इंसाफ की गुहार
एक बेसहारा विधवा मां और उसकी बहन ने अब सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनकी इकलौती उम्मीद कामिनी चली गई, लेकिन उसके गुनहगारों को सजा मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और बेटी को ऐसा कदम न उठाना पड़े।






















