
हाथरस 10 अप्रैल । शहर के बागला महाविद्यालय में ‘मिशन शक्ति’ फेज-5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत ‘नारी सशक्तीकरण’ विषय पर एक भव्य काव्य-पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग 40 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी कविताओं के माध्यम से नारी शक्ति और उनके समाज में योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) महावीर सिंह छोंकर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब हम नारी को बराबरी का दर्जा दें और इसके लिए हमें अपनी सामाजिक मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान सनातन परंपरा और आधुनिक जागरूकता पर विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. चन्द्रशेखर रावल ने कहा कि सनातन परंपरा में नारी को सदैव पूजनीय और बराबरी का स्थान प्राप्त रहा है, परंतु समय के साथ विदेशी संस्कृतियों के प्रभाव और अत्याचारों के कारण समाज में कुछ विकृतियां आईं। उन्होंने आह्वान किया कि वर्तमान जागरूक युग में हमें पुनः अपनी सुसंस्कृत परंपराओं की ओर लौटते हुए नारी को वही सम्मानजनक स्थान दिलाना होगा। वहीं, विभाग प्रभारी प्रो. सुनन्दा महाजन ने अपनी भावपूर्ण कविता के माध्यम से नारी के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह, प्रो. एमपी सिंह, बृजेश सिंह कुशवाहा एवं डॉ. प्रेम किशोर ने भी अपने विचार व्यक्त कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए निर्णायक मंडल ने एमए हिन्दी द्वितीय सेमेस्टर की दीप्ति उपाध्याय को प्रथम स्थान प्रदान किया। वहीं शालू सिंह ने द्वितीय एवं सुमन ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अतिरिक्त एमए द्वितीय सेमेस्टर की क्षमा शर्मा, खुशी, सलोनी, शीतल तथा एमए चतुर्थ सेमेस्टर की नेहा शर्मा को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विभागों के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।


























