सिकंदराराऊ 26 मार्च । बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत शिक्षकों पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में ‘उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ’ ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को सिकंदराराऊ में संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल रैली और धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई। यह आंदोलन ‘टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (TFI) के बैनर तले आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष विजयवीर सिंह ने कहा कि 4 अप्रैल का प्रदर्शन शिक्षकों के अस्तित्व और उनके हितों की रक्षा के लिए निर्णायक साबित होगा। वहीं, महामंत्री कृष्णकांत कौशिक ने हुंकार भरते हुए कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी की जबरन अनिवार्यता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अन्य लंबित मांगों को लेकर अधिक से अधिक शिक्षकों से दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया। महामंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों की एकजुटता ही सरकार को उनकी मांगें मानने पर मजबूर करेगी।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की। निर्णय लिया गया कि ब्लॉक और तहसील स्तर पर टोलियां बनाकर शिक्षकों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें दिल्ली कूच के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षक समाज के सम्मान की लड़ाई है। इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार चौहान, राधेश्याम, यशवीर सिंह, प्रमोद कुमार, मनोज पुंढीर, शैलेंद्र पुंढीर, संजीव पाल, संजीव पुंढीर, तिलक सिंह, कुलदीप पचौरी, विनोद कुमार, प्रवीण सोमानी, सुनील कुमार, अखिलेश कुमार, निर्दोष चौधरी, विवेक कुमार और सुमित पुंढीर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व पदाधिकारी मौजूद रहे।

























