
हाथरस 06 अप्रैल । जिले में भीषण गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हाथरस सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सात अप्रैल (मंगलवार) से मौसम में बड़े बदलाव की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने जिले के लिए ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी की विशेष चेतावनी जारी की है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिणी कैस्पियन सागर के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का सीधा असर ब्रज क्षेत्र पर पड़ेगा। हाथरस उन प्रमुख जिलों में शामिल है जहाँ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। इसके साथ ही जिले में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और ओलावृष्टि (ओले गिरने) की भी संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, आगामी 48 घंटों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखी जाएगी। यह बदलाव हाथरस वासियों को गर्मी से तो राहत देगा, लेकिन तेज आंधी और ओले जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश और आंधी का यह दौर मंगलवार से शुरू होकर उत्तरोत्तर पूर्वी दिशा की ओर बढ़ेगा और 9 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। सोमवार को पड़ोसी जिले मथुरा में हुई हल्की बारिश ने पहले ही बदलाव के संकेत दे दिए हैं। प्रशासन ने हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और एटा जैसे जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषकर खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।






















