
हाथरस 30 मार्च । शहर के गणेशगंज निवासी ललित की एक साल पहले आगरा जिले के खंदौली थाना क्षेत्र के गांव सोरई निवासी पूनम पुत्री लक्ष्मण शर्मा के साथ बीते गुरुवार की देर शाम को पूनम के प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे डिलीवरी के लिए शहर के जिला महिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे। प्रसव के बाद पूनम ने एक शिशु को जन्म दिया था। लेकिन जन्म के कुछ देर बाद शिशु की मृत्यु हो गई थी। शिशु के जन्म के बाद पूनम ने भी दम तोड़ दिया था। कुछ ही देर में प्रसूता और नवजात शिशु की मौत से स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मच गई थी। जब इसकी जानकारी स्वजन को हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी। उन्होंने चिकित्सक और स्टाफ पर डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी करने के साथ प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम कराया था।
इस मामले में सीएमओ डा. राजीव राय ने द्वारा बागला संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। जांच कमेटी में बागला संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश अध्यक्ष के अलावा सदस्य में डिप्टी सीएमओ डा. आरएन सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. ऋचा गर्ग व जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता ऊषा रानी शामिल हैं। सीएमओ ने जांच कमेटी को पूरे मामले की गहनता के साथ जांच कर दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। प्रसूता और नवजात शिशु के मामले में गठित चार सदस्यीय जांच कमेटी ने सोमवार से अपनी जांच शुरु कर दी। जिला महिला चिकित्सालय की चिकित्सक, स्टाफ नर्स और अन्य स्टाफ जांच कमेटी के सामने पेश हुए। जहां जांच कमेटी द्वारा चिकित्सक और स्टाफ ने प्रसूता और नवजात शिशु की मृत्यु के मामले को गहनता के साथ जांच करते हुए सवाल-जवाब किए।


























