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सिकंदराराऊ (हसायन) 20 मार्च । विकासखंड क्षेत्र के कस्बा व देहात के ग्रामीण अंचल में मौसम ने ऐसा करवट बदला कि किसानों के चेहरे की मुस्कान चिंता की लकीरों में बदल गई। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को तड़के से शुरू हुई रिमझिम बरसात और तेज हवाओं ने रबी की तैयार फसलों पर कहर बरपा दिया है। मौसम विभाग द्वारा 18 से 22 मार्च तक जारी की गई भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी सच साबित हुई, जिससे वर्तमान में चल रही आलू की खुदाई और सरसों की कटाई का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षेत्र के गांव नगला दली, हैथारघुनाथपुर, रसूलपुर, इन्द्रनगर सिकतरा, सूसामई और पिछौंती सहित दर्जनों गांवों में शुक्रवार सुबह से हुई झमाझम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान योगेश कुमार, महेश, सुनील और खलील खां ने बताया कि खेतों में आलू की खुदाई का काम चल रहा था और भारी मात्रा में आलू खुले आसमान के नीचे पड़ा था, जो बारिश में भीग गया है। इसके अलावा, तेज हवाओं के चलते खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल भी जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने की प्रबल आशंका है। बारिश की इस मार से केवल तैयार फसलें ही नहीं, बल्कि आगामी सीजन की तैयारी भी प्रभावित हुई है। कई खेतों में जायद की फसल जैसे मूंग और मक्का की बुआई चल रही थी, जो पानी भरने के कारण अब नष्ट होने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा, तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। शीतलहर और ठंडी हवाओं ने एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया है, लेकिन किसानों के लिए यह ठंडक नहीं बल्कि ‘आसमानी आफत’ बनकर बरसी है।

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