
हाथरस 20 मार्च । उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक और ‘यक्ष’ (Yaksha) एप्प की मदद से हाथरस पुलिस ने सासनी क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वृद्ध व्यक्ति को लूटने का प्रयास करने और उल्टा उन पर ही झूठा आरोप लगाकर फंसाने वाली दो शातिर महिला अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इस तकनीक ने न केवल महिलाओं के झूठ को बेनकाब किया, बल्कि उनके उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैले विशाल आपराधिक इतिहास का भी खुलासा कर दिया।
क्या था मामला?
बीती 13 मार्च को एक वृद्ध व्यक्ति बैंक से ₹3,00,000 निकालकर जा रहे थे, तभी मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी दो महिलाओं, करीना और ज्योति ने उनका पीछा किया। सुनसान स्थान पर महिलाओं ने वृद्ध को बातों में उलझाकर उनके बैग से रुपये पार करने की कोशिश की। वृद्ध के शोर मचाने पर जब भीड़ जुटी, तो खुद को बचाने के लिए शातिर महिलाओं ने उल्टा वृद्ध पर ही दुर्व्यवहार का आरोप मढ़ दिया।
AI तकनीक ‘यक्ष’ ने ऐसे किया कमाल
सूचना मिलते ही थाना सासनी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में तैनात बीट अधिकारी अजय यादव ने ‘यक्ष एप्प’ का उपयोग कर बैंक से घटनास्थल तक के सीसीटीवी कैमरों को तत्काल ट्रेस किया। फुटेज में साफ दिखा कि महिलाएं ही बैंक से वृद्ध का पीछा कर रही थीं। इसके बाद एप्प के ‘फेशियल रिकग्निशन’ (फोटो मैचिंग) फीचर से महिलाओं की पहचान सुनिश्चित की गई।
7 जनपदों में दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे
यक्ष एप्प के डेटा बैंक से पता चला कि पकड़ी गई महिलाएं साधारण अपराधी नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं। इन पर लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मथुरा, एटा और उन्नाव जैसे जनपदों में चोरी, लूट और झपटमारी के दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। दोनों अभियुक्ताओं के विरुद्ध थाना सासनी में बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक की पहल लाई रंग
एसपी हाथरस द्वारा जनपद के सभी पुलिसकर्मियों को यक्ष एप्प का प्रशिक्षण दिलाकर उनके मोबाइल में इसे सक्रिय कराया गया था। इसी का परिणाम है कि अब अपराधी चाहे जितना भी शातिर हो, पुलिस की डिजिटल नजरों से बच नहीं पा रहा है।

























