
हाथरस 17 मार्च । वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते गैस आपूर्ति में आई कमी ने घरेलू रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों से बचने के लिए उपभोक्ताओं ने अब बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख किया है। बाजार में अचानक बढ़ी इस मांग ने इंडक्शन की कीमतों को भी गर्म कर दिया है।
कीमतों में 100 से 500 रुपये तक का उछाल
शहर के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में इन दिनों ‘फायर सेल’ जैसा माहौल है। मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने से इंडक्शन कुकटॉप की कीमतों में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों से ही नए स्टॉक के दाम बढ़कर आ रहे हैं, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
2 यूनिट प्रति घंटा बिजली की खपत
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में उपलब्ध ज्यादातर इंडक्शन कुकटॉप 1800 से 2000 वॉट की क्षमता वाले हैं। इसका अर्थ यह है कि यदि इंडक्शन को एक घंटे तक चलाया जाए, तो लगभग दो यूनिट बिजली की खपत होती है। गैस के विकल्प के रूप में लोग इसे अपना तो रहे हैं, लेकिन बिजली बिल का गणित भी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रहा है।
क्या कहते हैं दुकानदार?
पीपी इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक विकास अरोरा ने बताया कि पहले वे इंडक्शन का स्टॉक नहीं रखते थे, लेकिन अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए अब नया स्टॉक मंगाया जा रहा है। वहीं, व्यापारी मोहित खंडेलवाल का कहना है कि बाजार में इंडक्शन की डिमांड बहुत ज्यादा है और थोक दामों में इजाफा होने के कारण फुटकर कीमतें भी बढ़ गई हैं।

























