
हाथरस 17 मार्च । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो निजी अस्पताल बिना सर्जन और एनेस्थेटिस्ट (निश्चेतक) के ऑपरेशन कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान डीएम ने जिला अस्पताल, सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) परिसरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल परिसरों में स्थित निष्प्रयोज्य (बेकार) भवनों का लोक निर्माण विभाग (PWD) से मूल्यांकन कराकर उन्हें ध्वस्त किया जाए और मलबे की नियमानुसार नीलामी की जाए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अस्पताल परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, बिजली की बचत और निर्बाध आपूर्ति के लिए नेडा (NEDA) के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। सभी चिकित्सा प्रभारियों (MOIC) को सख्त निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों या उपकरणों की कमी है, तो उसका मांग पत्र दो दिन के भीतर उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

























