
हाथरस 16 मार्च । जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की व्यवस्थाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना भुगतान, एफआरयू, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन, एम्बुलेंस 108, नेशनल एम्बुलेंस सेवा 102, पीपीपी परियोजना, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थित निष्प्रयोज्य भवनों का मूल्यांकन लोक निर्माण विभाग से कराया जाए तथा आवश्यकता अनुसार उनके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे की नियमानुसार नीलामी भी कराई जाए। इसके साथ ही अस्पताल परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था विकसित करने और नेडा के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सिकंदराराऊ में संचालित ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन सहित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जनपद के निजी अस्पतालों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ स्थानों पर बिना सर्जन और बिना एनेस्थेटिस्ट के ऑपरेशन किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। ऐसे अस्पतालों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्ट्रासाउंड केवल चिकित्सक की उपस्थिति में ही तकनीशियन द्वारा किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों, उपकरणों अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता है तो उसका मांग पत्र दो दिवस के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। बैठक में आयरन सुक्रोज सप्ताह के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


























