
हाथरस 13 मार्च। जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद हाथरस के जिला गजेटियर के अद्यतन, संकलन एवं प्रकाशन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ गजेटियर में शामिल किए जाने वाले विषयों और सूचनाओं के संकलन की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला गजेटियर किसी भी जनपद का एक महत्वपूर्ण, प्रामाणिक और ऐतिहासिक दस्तावेज होता है, जिसमें जनपद के इतिहास, भौगोलिक स्वरूप, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन तथा प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाती है। उन्होंने कहा कि गजेटियर केवल वर्तमान समय की जानकारी का संकलन नहीं होता, बल्कि यह जनपद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विकास यात्रा का भी साक्ष्य प्रस्तुत करता है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित अद्यतन, सटीक और प्रमाणिक सूचनाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएं। साथ ही विभागीय उपलब्धियों, प्रमुख परियोजनाओं, विकास कार्यों और योजनाओं से संबंधित जानकारी का भी समुचित संकलन किया जाए, ताकि गजेटियर में जनपद के समग्र विकास का स्पष्ट चित्रण हो सके। उन्होंने जनपद के ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, प्राचीन मंदिरों, मेलों और उत्सवों, पारंपरिक कलाओं एवं लोक संस्कृति से संबंधित जानकारी को भी प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थानीय घटनाक्रमों, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान तथा जनपद के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों, साहित्यकारों, कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बारे में भी जानकारी संकलित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि गजेटियर में जनपद के भौगोलिक स्वरूप, जलवायु, नदियों, जल स्रोतों, कृषि व्यवस्था, प्रमुख फसलों, पशुपालन, उद्योग-धंधों, व्यापारिक गतिविधियों, हस्तशिल्प और लघु उद्योगों का भी विस्तृत विवरण शामिल किया जाए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क व परिवहन व्यवस्था, शहरी एवं ग्रामीण विकास, जलापूर्ति, स्वच्छता, ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी भी संकलित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गजेटियर में शामिल की जाने वाली सभी सूचनाओं का तथ्यात्मक सत्यापन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राजस्व अभिलेखों, अभिलेखागार और अन्य विश्वसनीय स्रोतों का संदर्भ लिया जाए, ताकि जानकारी पूरी तरह प्रमाणिक और त्रुटिरहित हो। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

























