
लखनऊ 13 मार्च। प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत किसी भी गरीब मजदूर परिवार में पहली बार गर्भधारण करने वाली पात्र महिलाओं को वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है। आज देश में अधिकांश महिलाओं को अल्पपोषण का सामना करना पडता है। अल्पपोषित मातायें अधिकांशतः कम वजन वाले शिशुओं को ही जन्म देती है। यदि गर्भवती महिला कुपोषित है तो बच्चों का कुपोषण गर्भावस्था से ही शुरू होता है, जो अधिकतर जीवन भर चलता रहता है।
समाज में अक्सर आर्थिक एवं सामाजिक तंगी के कारण मजदूरी करने वाली कई गरीब महिलायें अपनी गर्भावस्था के आखिरी दिनों तक अपने परिवार के लिए जीविका अर्जित करना जारी रखती हैं। इसके अलावा वे बच्चे को जन्म देने के बाद, स्वस्थ होने से पहले काम करना शुरू कर देती है, जबकि उनका शरीर इसके लिए तैयार नहीं रहता। इस तरह आर्थिक परेशानी के कारण धात्री महिलायें पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हो पाती और अपने शिशु को स्तनपान कराने में समर्थ भी नहीं हो पाती है। इससे माँ और शिशु दोनों कमजोर रहते हैं और विभिन्न रोग घेरने लगते हैं।
मजदूरी करने वाली गरीब परिवारों की महिलाओं की इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 01 जनवरी, 2017 से प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना का शुभारम्भ किया है। इस योजना के अंतर्गत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट शर्तों की पूर्ति पर पर्याप्त पोषण हेतु पहली बार गर्भधारण करने वाली गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के खातों मेंरू० 6000/- प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाता है, जिससे उनके स्वस्थ रहने के आचरण में सुधार हो सके। इस योजना के अंतर्गत रु० 5000/- तीन किश्तों में दिया जाता है तथा पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ के संबंध में अनुमोदित मानदंडों के अनुसार रु० 1000/- दिये जाते हैं।
इस तरह प्रत्येक पात्र महिला को रु० 6000/- प्रोत्साहन धनराशि दिया जाता है। जिससे उनका पोषण होता रहे और वे स्वस्थ रहे। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में योजना के आरम्भ से स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाखों महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना का संचालन 29 मार्च, 2024 से महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत उक्त अवधि में 5.65 लाख से अधिक पात्र गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हुई है।

























