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सिकंदराराऊ (हसायन) 11 मार्च । हाथरस जिले के कस्बा हसायन और आसपास के देहात क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन के साथ वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके साथ ही क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों व पैथोलॉजी लैबों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना पंजीकरण और उचित प्रशिक्षण के कई लोग क्लीनिक, अस्पताल और जांच लैब संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग हर घर में किसी न किसी व्यक्ति के बुखार से पीड़ित होने की स्थिति बताई जा रही है। ऐसे में अप्रशिक्षित झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को ड्रिप और इंजेक्शन लगाकर उपचार कर रहे हैं, जबकि कई जगह पैथोलॉजी जांच के नाम पर भी मनमानी की जा रही है। आरोप है कि प्लेटलेट्स, टीएलसी, डीएलसी, एचवी और विडाल जैसी जांचों के आधार पर मरीजों को मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां बताकर इलाज किया जा रहा है। कस्बा हसायन के गडोला मार्ग, अंडौली मार्ग, चूड़ी बाजार, बाण रोड और पुरदिलनगर मार्ग के अलावा देहात क्षेत्र के नगला रति, सलेमपुर, महौं, भैंकुरी, पोरा, बपंडई और हैथा रघुनाथपुर जैसे गांवों में भी ऐसे अवैध क्लीनिक और लैब संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कभी-कभी नोटिस जरूर लगाए जाते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण झोलाछाप चिकित्सकों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।

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