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हाथरस 11 मार्च । बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं के नामांकन तथा विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा बुधवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विभागीय प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति न मिलने पर मुरसान के खंड विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा खंड शिक्षा अधिकारी सादाबाद को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परिषदीय विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ा जाए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित विद्यालय निरीक्षण कर नामांकन और उपस्थिति की समीक्षा करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित 19 बिंदुओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। विद्यालयों में स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, बाउंड्रीवाल, रसोईघर और खेल मैदान जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। जिन विद्यालयों में किसी प्रकार की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए।

जिलाधिकारी ने मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में बच्चों को समय से पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान और निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, पुस्तकालय तथा अन्य शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और बच्चों की सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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