
हाथरस 10 मार्च । पिछले दो महीनों में हार्डडिस्क, एसएसडी, मेमोरी कार्ड और पेनड्राइव जैसे स्टोरेज डिवाइसों के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई उत्पादों की कीमतें दो से तीन गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ कंप्यूटर कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंप्यूटर उपकरण के कारोबारियों का कहना है कि विदेशों में एआई कंपनियों द्वारा अत्याधुनिक स्टोरेज डिवाइसों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके चलते बड़ी कंपनियां इन उन्नत डिवाइसों के उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, जिससे सामान्य उपयोग वाले स्टोरेज उत्पादों की आपूर्ति कम हो गई है और बाजार में उनकी कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। बाजार में दो महीने पहले तक 128 जीबी क्षमता की पेनड्राइव करीब 600 रुपये में मिल जाती थी, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1400 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह करीब 800 रुपये में मिलने वाली एसएसडी अब 2500 रुपये तक बिक रही है। इसका असर कंप्यूटर और लैपटॉप की कीमतों पर भी पड़ रहा है। पहले करीब 30 हजार रुपये में मिलने वाला लैपटॉप अब लगभग 39 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 12 हजार रुपये में मिलने वाले डेस्कटॉप कंप्यूटर की कीमत भी बढ़कर करीब 17 हजार रुपये तक हो गई है। कारोबारियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति सामान्य हुई और स्टोरेज डिवाइसों की आपूर्ति बढ़ी तो आने वाले महीनों में कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
फोटोग्राफी और मोबाइल कारोबार भी प्रभावित
कंप्यूटर हार्डवेयर और मेमोरी उत्पादों के उत्पादन में कमी का असर सिर्फ कंप्यूटर कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि फोटोग्राफी और मोबाइल बाजार भी इससे प्रभावित हो रहा है। फोटोग्राफी में स्टोरेज के लिए बड़े स्तर पर पेनड्राइव और मेमोरी चिप का उपयोग किया जाता है। ऐसे में दाम बढ़ने से फोटोग्राफी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं।
























