
हाथरस 09 मार्च । अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ के आह्वान पर जनपद के शिक्षकों ने टीईटी (TET) की अनिवार्यता के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से ‘पोस्टकार्ड अभियान’ की शुरुआत की। इस अभियान के तहत शिक्षकों ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पोस्टकार्ड लिखकर अपनी समस्या से अवगत कराया और टीईटी से मुक्ति दिलाने की मांग की।
तर्कहीन है 2010 से पूर्व के शिक्षकों के लिए टीईटी
अभियान के पहले दिन सैकड़ों शिक्षकों ने पोस्टकार्ड लिखकर शासन को अपनी पीड़ा व्यक्त की। अटेवा के जिला महामंत्री रवि कान्त वर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग में टीईटी वर्ष 2010 में लागू किया गया था। जो शिक्षक 2010 से पहले नियुक्त हुए, उनकी योग्यता नियुक्ति के समय पूर्ण थी और उस समय टीईटी का कोई अस्तित्व ही नहीं था। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री तरुण शर्मा ने इसे पूरी तरह तर्कहीन बताते हुए कहा कि पुराना अनुभव रखने वाले शिक्षकों पर नई शर्तें थोपना न्यायसंगत नहीं है। उनका संगठन इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है।
शिक्षक हित में एकजुट होने की अपील
जूनियर शिक्षक संघ के जिला महामंत्री भूपेंद्र सेंगर ने सभी शिक्षकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया। वहीं, अटेवा के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद चंदेल ने जिले के सभी शिक्षक संगठनों से शिक्षक हित में एकजुट होने की अपील की। पोस्टकार्ड अभियान के प्रथम दिवस की सफलता को देखते हुए संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को यह अभियान और अधिक गति पकड़ेगा। बड़ी संख्या में शिक्षकों के जुड़ने से यह आंदोलन अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षकों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।



































