
हाथरस 06 मार्च । हाथरस जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। राह चलते लोगों पर हमले की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके कारण जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने वाले मरीजों की संख्या में तेजी आई है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 300 से अधिक मरीज एआरवी लगवाने पहुंचे। शहर से लेकर देहात तक कुत्तों का खौफ है। बढ़ते तापमान को भी कुत्तों के आक्रामक होने का एक कारण बताया जा रहा है। ये आवारा कुत्ते रात में सड़कों पर डेरा जमा लेते हैं और वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। पैदल चलने वाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एआरवी उपलब्ध है। उन्होंने सलाह दी कि कुत्ते, बंदर या बिल्ली के काटने पर मरीज तत्काल एआरवी लगवाएं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
कुत्ते के काटने पर बढ़ते हैं यह सावधानियां…
कुत्ते के काटने पर रेबीज का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले, घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद घाव पर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। देसी दवाओं या जड़ी-बूटियों के चक्कर में न पड़ें और पीड़ित को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाकर रेबीज इंजेक्शन जरूर लगवाएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती है। कुत्ते के काटने पर मरीज को बिना देर किए यह रेबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए।






































