
हाथरस 04 मार्च । हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के गाँव नगला चौबे में आज शाम एक युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने से कोहराम मच गया। 27 वर्षीय युवक अनिल, जो पेशे से पीओपी (POP) का काम करता था, ने घर के ऊपरी कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों और पुलिस के बीच शव के पोस्टमार्टम को लेकर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चला।
पारिवारिक कहासुनी बनी मौत का कारण
बताया जा रहा है कि आज घर में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी बात से क्षुब्ध होकर अनिल ने शाम करीब 4 बजे घर के ऊपरी कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी, तो आनन-फानन में उसे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अनिल अपने पीछे पत्नी और एक साल का मासूम बच्चा छोड़ गया है। इस घटना से पूरे गाँव में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल में हंगामा और पुलिस से झड़प
अनिल की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि, विवाद तब शुरू हुआ जब परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। अस्पताल स्टाफ द्वारा रोकने पर तीखी झड़प हुई। सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस को भी परिजनों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिजन शव को एम्बुलेंस में रखकर किसी निजी डॉक्टर को दिखाने की जिद पर अड़े थे और पुलिस से भी उनकी काफी बहस हुई।
पुलिस की सूझबूझ से शांत हुआ मामला
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अपनी मौजूदगी में युवक का दोबारा ईसीजी (ECG) करवाया। जब दूसरी बार भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, तब कहीं जाकर पुलिस शव को कब्जे में ले पाई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।






































