
सिकंदराराऊ (हसायन) 01 मार्च । विकासखंड क्षेत्र में इन दिनों रबी सीजन की फसलों की कटाई और निकासी का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। होली का त्योहार नजदीक आते ही किसान अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित ठिकाने या कोल्ड स्टोरेज तक पहुँचाने की जल्दी में दिखाई दे रहे हैं। लेकिन रविवार सुबह अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
फसलों की निकासी में जुटे थे किसान
वर्तमान में रबी सीजन की मुख्य फसल आलू पूरी तरह पक कर तैयार हो चुकी है। तीन माह से अधिक का समय बीतने के कारण किसान खेतों में खुदाई के कार्य में पूरी तरह तल्लीन हैं। वहीं, कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल की कटाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है। किसान चाहते हैं कि त्योहार से पहले फसल सुरक्षित घर आ जाए, ताकि वे निश्चिंत होकर होली मना सकें।
बूंदाबांदी और बादलों ने बढ़ाई बेचैनी
रविवार तड़के अचानक मौसम में आए बदलाव ने किसानों को परेशानी में डाल दिया। आसमान में घने काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में फिर से ठंडक महसूस होने लगी। मौसम के इस बदलते रुख को देखकर खेतों में काम कर रहे किसानों की धड़कनें तेज हो गईं। किसानों को डर है कि यदि तेज बारिश होती है, तो खुदाई के लिए तैयार आलू की फसल और कटाई के मुहाने पर खड़ी सरसों को भारी नुकसान हो सकता है।
तिरपाल लेकर खेतों की ओर दौड़े अन्नदाता
नगला दली के किसान योगेश कुमार, राहुल सेंगर, राजवीर सिंह और इंद्रवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में आलू की खुदाई का काम चल रहा है। यदि आगामी दिनों में मौसम ने इसी तरह आंख-मिचौली जारी रखी और बारिश हुई, तो पकी हुई फसल बर्बाद हो सकती है। आसमान में बादलों का डेरा देखकर कई किसान अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और पल्ली लेकर खेतों की ओर दौड़ते हुए दिखाई दिए। किसान अब ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम साफ हो जाए ताकि उनकी साल भर की मेहनत सुरक्षित बच सके।





































