
नई दिल्ली 01 मार्च । पश्चिम एशिया में जारी बड़े सैन्य टकराव के बीच ईरान की सत्ता में बड़ा बदलाव हुआ है। अमेरिकी और इस्राइल के संयुक्त हमले में लंबे समय से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनई की मौत के बाद देश में नेतृत्व परिवर्तन शुरू हो गया। ऐसे समय में वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान का नया अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर के अलावा, लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

खामेनई की मौत के बाद हुआ सत्ता परिवर्तन
रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई सैन्य और सरकारी ठिकानों पर बड़ा हमला किया। इस अभियान में शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया। 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे 86 वर्षीय अली खामेनई की इसी हमले में मौत हो गई। शुरुआत में ईरान ने इन खबरों से इनकार किया, लेकिन बाद में उनकी मौत की पुष्टि की गई। इसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतरिम नेतृत्व व्यवस्था लागू की गई।
हमले के बाद ईरान और दुनिया की प्रतिक्रिया क्या रही?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सबसे पहले खामेनई की मौत का दावा किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे ईरान और दुनिया के लिए बड़ा बदलाव बताया। दूसरी ओर ईरान अब बाहरी सैन्य दबाव और अंदरूनी राजनीतिक संक्रमण दोनों से जूझ रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह बदलाव केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति और सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
लखनऊ में शिया समुदाय के लोग तीन दिन का मनाएंगे शोक
आयतुल्ला ख़ामेनई की शहादत पर घोषित तीन दिवसीय शोक के तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। मौलाना ने देशभर के शिया समुदाय से अपील की है कि रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करें और जहां संभव हो वहां कैंडल मार्च निकालें। साथ ही सभी लोगों से बड़ी संख्या में शोकसभा में शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि “जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है, अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे। इस्राइल और अमेरिका धोखेबाज़ हैं।
खामेनेई की मौत के बाद यूपी में हाई अलर्ट
इस्राइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च लीडर खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है। ईरान और खाड़ी देशों पर हमले और युद्ध के हालात के मद्देनजर सभी जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह मीटिंग में विशेष एहतियात बरतने को कहा है। इसके बाद सभी जिलों को दोबारा आगाह किया गया है। लखनऊ समेत कई जिलों में हो रहे प्रदर्शन पर भी पुलिस के पैनी नजर है। एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिया बाहुल्य इलाकों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। त्योहारों के दौरान अराजकतत्वों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों से और हिंसक प्रदर्शन करने पर सख्ती से निपटने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली में अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी
खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। वहीं, दिल्ली के जामियानगर इलाके के ओखला विहार में शिया समुदाय के करीब 100 से 150 लोग इकट्ठा हुए। इन लोगों ने अमेरिका ओर इस्राइली के खिलाफ नारेबाजी की। जोहर की नमाज से पहले थोड़ी देर नारेबाजी हुई। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अमेरिकी और इस्राइली नेताओं (डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू) के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताई। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने हालात पर नजर बनाए रखी। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई के प्रति समर्थन और अमेरिका-इस्राइल के हमलों की निंदा भी की।