
हाथरस 27 फरवरी । महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में आयुष मंत्रालय और अखिल भारतीय आयुर्वेदिक कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय मंच पर हाथरस की प्रतिष्ठित संस्था श्री मोहता रसायनशाला के वैभव मोहता ने प्रतिभाग कर जनपद का गौरव बढ़ाया।
राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन, आयुष मंत्री ने बताया ‘महाकुंभ’
बीते बुधवार को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस मेले का विधिवत उद्घाटन किया था। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने इस समागम को “भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का महाकुंभ” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि भारत की समग्र स्वास्थ्य देखभाल परंपराओं को सीधे जनता से जोड़ने और उन्हें वैज्ञानिक रूप से मजबूत करने की एक सशक्त राष्ट्रीय पहल है।
वैश्विक विश्वास और आयुष पर्यटन पर जोर
श्री जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रालय आयुर्वेद और अन्य आयुष विषयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता दिलाने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और मानकीकरण पर जोर दे रहा है। उन्होंने आयुष पर्यटन (Ayush Tourism) की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया का “वैश्विक कल्याण गंतव्य” (Global Wellness Destination) बनने की क्षमता रखता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और औषधीय खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ होगा।
हाथरस का प्रतिनिधित्व
इस राष्ट्रीय स्तर के मेले में देशभर के शोधकर्ता, नीति निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि जुटे हैं। हाथरस से श्री मोहता रसायनशाला के वैभव मोहता ने इस मेले में सम्मिलित होकर आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता के मानकों पर चर्चा की। हाथरस के प्रतिनिधि की इस भागीदारी को स्थानीय व्यापारिक और आयुर्वेदिक जगत में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।















